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Love shayari, Hindi shayari

Love shayari  पहले मीठी मीठी बातों में मुझको फसाया गया मतलब निकालने के बाद ठुकराया गया तुम रंगे हाथ पकड़े गए हो सफाई देने से कोई नहीं फायदा ए मेरी जाने वफा तुम कमाल करती हो बिन बोले भी बहुत कुछ सवाल करती हो हर रोज मेरे जिंदगी में तूफान करने लगी हो क्या इसे प्यार समझें जो कमाल करने लगी हो ए प्यार जताने की अदा निराली है मेरे दिल ने मान लिया है कि तू मेरी घरवाली है प्यार बढ़ता है तो एक दूजे पर एतबार बढ़ता है जिस पर आशिकी का खुमार चढ़ चुका हो फिर पूछो उससे कि उसका हाल कैसा है

शायरी संग्रह, जो 'इरादों' पर कहे गए

तुम्हारी एक अदा हद से ज्यादा पसंद आई है खामोश रहकर अपने इरादों को बयां करती हो तुम्हें पाकर किस्मत बदल गई जो अपने विचारों में हया रखती हो

जिसे शिद्दत से चाहते हैं उसे पाने को हौसला कमजोर नहीं रखते मजबूत इरादों से सफलता मिलती रही है

मेरे इरादे नेक है नियत में कोई खोट नहीं रखते जिससे सच्चा प्यार करते हैं उसके दिल पर चोट नहीं करते

वादा कुछ और, इरादा कुछ और, यह कैसा अजब गजब का फसाना है लाचार सिर्फ इस बात से हूं मेरा दिल तुम्हारा दीवाना है

बदला हुआ इरादा देखकर मेरी मुस्कान चली गई है तुम्हें नया 
यार मिल गया मेरी जान चली गई है

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हिंदी शायरी मस्ती मनोरंजन तुम्हारे प्यार ने खुशी का अहसास दिया है मुझ पर अपने वादों से ज्यादा ध्यान दिया है जिंदगी से रौनक वापस हो गई थी फिर सच्ची मुस्कान दिया है टूटे ख्वाब पर मरहम लगाकर सफलता की उम्मीदों में उमंग भर दिया है जिंदगी उदासीन हो गई थी पुनः खुशी का रंग भर दिया है उसके संग मौज मस्ती में दिन गुजरने लगा है ख्वाहिशों की तरह प्यार मिलने लगा है हर कदम सोच समझकर आगे बढ़ने लगा है जब किसी को सच्चे मन से पाने का जज्बा परवान चढ़ता है सभी दुश्वारियां धीरे-धीरे खत्म हो जाती है वक्त के साथ-साथ किस्मत बदल जाती है Hindi shayari

Love shayari, Hindi shayari

Love shayari  पहले मीठी मीठी बातों में मुझको फसाया गया मतलब निकालने के बाद ठुकराया गया तुम रंगे हाथ पकड़े गए हो सफाई देने से कोई नहीं फायदा ए मेरी जाने वफा तुम कमाल करती हो बिन बोले भी बहुत कुछ सवाल करती हो हर रोज मेरे जिंदगी में तूफान करने लगी हो क्या इसे प्यार समझें जो कमाल करने लगी हो ए प्यार जताने की अदा निराली है मेरे दिल ने मान लिया है कि तू मेरी घरवाली है प्यार बढ़ता है तो एक दूजे पर एतबार बढ़ता है जिस पर आशिकी का खुमार चढ़ चुका हो फिर पूछो उससे कि उसका हाल कैसा है

धीरे-धीरे समय गुजरता रहा

धीरे-धीरे समय गुजरता रहा उसके इजहार का इंतजार करता रहा हर दिन मिलता था इस उम्मीद से हो सकता है आज अपने मन की बात हो जाए किसी बात को समझता नहीं है मेरा दिल हद कर दिया है काबू से बाहर जिस तरह हो रहा है कोई कड़ी सजा इसको देना पड़ेगा तुम्हारे आंखों की नमकीन मस्तियां से मेरे दिल को तसल्ली होती है मेरे चाहतों को मुकाम मिल जाए फिर इधर उधर भटकने से क्या फायदा कागज की नाव से सिर्फ मौज मस्ती हो सकता है दरिया पार करने के लिए सोचना नादानी है